लखीमपुर खीरी: चार बार विधायक रहे बाला प्रसाद अवस्थी का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार
1991 में पहली बार बने विधायक

लखीमपुर खीरी। जिले की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। धौरहरा और मोहम्मदी विधानसभा सीटों से चार बार विधायक रहे बाला प्रसाद अवस्थी का निधन हो गया। उन्होंने धौरहरा तहसील के ईसानगर विकासखंड स्थित अपने पैतृक गांव बेल्तुआ में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
बाला प्रसाद अवस्थी का नाम लखीमपुर खीरी जिले की राजनीति में प्रमुखता से लिया जाता रहा है। अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के साथ काम किया और चार बार विधानसभा पहुंचकर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
1991 में पहली बार बने विधायक
बाला प्रसाद अवस्थी ने वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर अपने विधानसभा सफर की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 2007 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर धौरहरा सीट से जीत दर्ज की।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर जीत हासिल की। वहीं, वर्ष 2017 में भाजपा में वापसी के बाद उन्होंने धौरहरा सीट से चुनाव लड़ा और चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए।
भाजपा से बसपा और फिर भाजपा में वापसी
बाला प्रसाद अवस्थी का राजनीतिक सफर कई महत्वपूर्ण मोड़ों से गुजरा। भाजपा से शुरुआत करने के बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी का दामन थामा और उसके टिकट पर दो बार विधानसभा चुनाव जीते।
वर्ष 2017 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर धौरहरा से जीत हासिल की। जनवरी 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वापस भाजपा में लौट आए। उस समय उनका यह राजनीतिक कदम जिले में चर्चा का विषय बना था।
शिक्षा और विधानसभा में भूमिका
उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक सदस्य-प्रोफाइल के अनुसार, बाला प्रसाद अवस्थी का जन्म 20 जून 1950 को हुआ था। उनकी शैक्षिक योग्यता स्नातकोत्तर और एलएलबी दर्ज है। उनका व्यवसाय कृषि बताया गया है।
विधानसभा के रिकॉर्ड में उनके नाम पर 517 प्रश्न और दो चर्चाएं दर्ज हैं। उनका राजनीतिक जीवन मुख्य रूप से लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों से जुड़ा रहा।
पैतृक गांव बेल्तुआ में ली अंतिम सांस
बाला प्रसाद अवस्थी लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। उनका निधन उनके पैतृक गांव बेल्तुआ में हुआ। उनके निधन की खबर से जिले के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है।
चार बार विधायक रहे बाला प्रसाद अवस्थी का राजनीतिक जीवन जिले के चुनावी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। धौरहरा और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में उनका लंबा राजनीतिक जुड़ाव रहा, जिसे जिले की राजनीति के एक अहम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।



